बड़ी खबर! शिक्षामित्रों को विशेष TET में शामिल करने पर हाईकोर्ट सख्त, आयोग से मांगा परीक्षा कार्यक्रम

बड़ी खबर! शिक्षामित्रों को विशेष TET में शामिल करने पर हाईकोर्ट सख्त, आयोग से मांगा परीक्षा कार्यक्रम

शिक्षामित्रों से जुड़ी बड़ी खबर

अगली सुनवाई 2 नवंबर

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस संबंध में दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से आगामी सामान्य टीईटी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम तलब किया है।

न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने वसीम अहमद सहित 221 शिक्षामित्रों की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की गई है।

शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी से बाहर रखने का मामला

याचिकाकर्ताओं की ओर से 2 सितंबर 2026 के शासनादेश और 3 सितंबर को जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे निर्धारित शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधी योग्यताएं रखते हैं, इसके बावजूद उन्हें विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

उनकी ओर से दलील दी गई कि संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है, जबकि शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के विपरीत है।

पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने अक्टूबर में उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ अब विशेष अपील दाखिल की गई है।

अपीलकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि टीईटी केवल पात्रता परीक्षा है। इसे पास करने से स्वतः नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलता। ऐसे में शिक्षामित्रों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित रखना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने आयोग से मांगा परीक्षा कार्यक्रम

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से आगामी सामान्य टीईटी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम प्रस्तुत करने को कहा है।

अदालत ने आयोग से यह जानकारी भी मांगी है कि वर्ष 2026 की दूसरी सामान्य टीईटी और आगामी दो वर्षों में प्रस्तावित परीक्षाओं का कार्यक्रम क्या रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी दिया गया हवाला

रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक वर्ष कम से कम एक प्राथमिकता के आधार पर दो टीईटी परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं।

इसी संदर्भ में हाईकोर्ट ने आयोग से आगामी परीक्षाओं का पूरा विवरण मांगा है, ताकि मामले में आगे उचित निर्णय लिया जा सके।

2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी। अब शिक्षामित्रों की नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। हालांकि, फिलहाल अदालत ने शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है, बल्कि आयोग से परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी मांगी है।

 

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