UP परिषदीय विद्यालय: प्रशस्त एप पर वीडियो देखकर स्क्रीनिंग करने में रुचि नहीं ले रहे गुरुजी, जिलों की यहां देखिए स्थिति

UP परिषदीय विद्यालय: प्रशस्त एप पर वीडियो देखकर स्क्रीनिंग करने में रुचि नहीं ले रहे गुरुजी, जिलों की यहां देखिए स्थिति

प्रयागराज। प्रदेश Pradesh के सभी बोर्डों के वित्तपोषित, वित्तविहीन व परिषदीय विद्यालयों vidyalaya के प्रत्येक अध्यापकों को प्रशस्त एप/पोर्टल Portel पर उपलब्ध कराए गए वीडियो अनिवार्य रूप से देखने हैं।इनके जरिए दिव्यांग विद्यार्थियों students की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी करनी है। ये वीडियो समावेशी शिक्षा Shiksha और शिक्षकों में संवेदनशीलता को बढ़ाने में सहायक हैं।

10 वीडियो शिक्षकों को देखना है

बावजूद इसके एप app’s पर उलब्ध सभी 10 वीडियों video को देखने में शिक्षक Teacher उदासीन हैं। पिछले दिनों हुई समीक्षा के अनुसार पोर्टल पर कुल 5,74,984 अध्यापक teacher पंजीकृत हैं जबकि वीडियो देखने में 4,90,856 शिक्षकों Teacher’s ने रुचि ली।

इन जिलों में नहीं रुचि ले रहे शिक्षक

महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से उन 10 जनपदों का विवरण जारी किया गया है, जहां के अध्यापकों teacher ने वीडियो देखने में रुचि नहीं ली। इनमें कन्नौज, सोनभद्र, एटा, गाजियाबाद जैसे जिले शामिल हैं। यहां क्रमश: 24.1 प्रतिशत, 24.5 प्रतिशत, 24.7 प्रतिशत, 25.1 प्रतिश्त शिक्षकों ने वीडियों देखा है।

बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी

इसी क्रम में गौतम बुद्ध नगर में 25.1 प्रतिशत, अलीगढ़ में 25.5 प्रतिशत, राजधानी लखनऊ में 25.6 प्रतिशत, हमीरपुर में 25.6 प्रतिशत, आजमगढ़ में 25.7 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 25.8 प्रतिशत अध्यापकों teacher ने रुचि दिखाई है। स्थिति को असंतोषजनक मानते हुए सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों BSA को पत्र जारी किया गया है।

तकनीकी समस्या का निदान होगा

कहा गया है कि यदि एप app पर लॉगिन login में किसी तरह की तकनीकी समस्या आ रही हो तो उनके निदान के लिए [email protected] पर मेल कर सकते हैं। प्रत्येक वीडियो video को देखना अनिवार्य है। इस संबंध में बीएसए BSA अनिल कुमार ने कहा कि प्रयागराज न्यूनतम की स्थिति से बाहर है। यहां 1386 शिक्षकों Teacher’s में से 962 शिक्षकों Teacher’s अर्थात 69.4 प्रतिशत ने वीडियो देख लिया है। मांडा विकासखंड में सब से अच्छा कार्य हुआ है, फिर भी सुनिश्चित कराया जा रहा है कि प्रत्येक शिक्षक वीडियो देखें और उसके अनुसार विद्यार्थियों students की स्क्रीनिंग करें।

 

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