‘बीच खेल में नियम बदल दिए…’ 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी TET अनिवार्य, नौकरी पर गहराया संकट!
मुरादाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता ने बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag के शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के समय निर्धारित नियमों के अनुसार उन्होंने नौकरी प्राप्त की थी।वर्षों तक शिक्षण कार्य करने के बाद अब टीईटी TET उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू होने से उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
पहली बार आयोजित टीईटी TET में कई शिक्षक सफल नहीं हो सके। ऐसे में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को भविष्य की चिंता सता रही है। शिक्षकों का कहना है कि यह परीक्षा Exam उनके लिए भविष्य और नौकरी से जुड़ा गंभीर विषय बन गई है। उन्होंने इसकी तुलना खेल के बीच में नियम बदलने से करते हुए कहा कि नियुक्ति के समय तय मानकों के आधार पर सेवा में आए शिक्षकों Teacher’s पर बाद में नई बाध्यता थोपना उचित नहीं है।
प्रश्न पुस्तिका में एक गोला छूटने से नहीं आया परिणाम
प्राथमिक विद्यालय मिलक, बीजना के प्रधानाध्यापक सत्यप्रकाश ने बताया कि टीईटी TET के दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा दी थी। दोनों ही पेपर अच्छे हुए थे। जूनियर स्तर की टीईटी TET में वह उत्तीर्ण हो गए, लेकिन प्राथमिक स्तर की परीक्षा में प्रश्न पुस्तिका पर एक प्रश्न का गोला भरने से छूट गया।इस कारण उनका परिणाम नहीं आया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर की टीईटी TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य होने के कारण अब उन्हें नौकरी को लेकर चिंता है। परीक्षा में एक छोटी सी चूक के चलते परिणाम प्रभावित होने से परेशानी बढ़ गई है।
बीच खेल में बदले जा रहे नियम
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ sके ब्लाक मंत्री रविंद्र सिंह ने बताया कि जो 2011 से पहले की भर्ती के हैं उन पर भी टेट लागू करना सर्वथा नियम विरुद्ध व अनुचित है। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे कि खेल के बीच में मन मर्जी खेल के नियम बदलना। सरकार को शिक्षकों Teacher’s की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिनियम में संशोधन करना चाहिए, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता परेशानी बनीं
शिक्षक अमित सिंह ने बताया कि पहली बार आयोजित टीईटी में कई शिक्षक Teacher सफल नहीं हो सके। ऐसे में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों Teacher’s को भविष्य की चिंता सता रही है। शिक्षकों Teacher’s का कहना है कि यह परीक्षा Exam उनके लिए भविष्य और नौकरी से जुड़ा गंभीर विषय बन गई है।