दीपावली से पहले आ सकता है प्रत्येक अनुदेशक के खाते में 9 लाख का एरियर
लखनऊ / सुप्रीम कोर्ट SC के सख्त रुख के बाद उत्तर प्रदेश के करीब 24 हजार दो सौ अंशकालिक अनुदेशकों anudeshako के लिए न्याय और सम्मान की एक बड़ी ऐतिहासिक जीत हुई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने पिछले 9 वर्षों year से अधर में लटके मानदेय के अवशेष (एरियर) भुगतान की फाइल को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक बजट budget व्यवस्था का क्रांतिकारी आदेश जारी कर दिया है।
Basic Shiksha Vibhag Dwara बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag द्वारा जारी पत्र के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत कुल 2,460.89 करोड़ crore रुपये rupye की भारी-भरकम धनराशि का पुनर्विनियोग करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। महानिदेशक के इस ऐतिहासिक कदम से प्रदेश के परिषदीय
Uchcha Prathmik Vidyalayon Mein उच्च प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में तैनात अंशकालिक अनुदेशकों anudeshako के बैंक खातों account में पिछले नौ सालों के बकाया अंतर के रूप में लगभग 9-9 लाख lakh रुपये rupye तक का एकमुश्त एरियर सीधे ट्रांसफर होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। दशकों से आर्थिक तंगी झेल रहे अनुदेशक परिवारों के लिए दीपावली dipawali से पहले यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है जिससे प्रदेश भर के अनुदेशकों anudeshako में जश्न का माहौल है।
यह पूरी प्रशासनिक हलचल उच्चतम न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की पुनर्विचार याचिका को सिरे से खारिज करने और अवमानना याचिका पर दिखाए गए बेहद कड़े रुख का परिणाम है। शीर्ष अदालत ने अनुदेशकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए साफ किया था कि सभी पात्र अनुदेशक वर्ष 2017-18 से ही 17,000 रुपये rupye प्रति माह की दर से बढ़ा हुआ मानदेय पाने के हकदार हैं। कोर्ट court ने सूबे की सरकार Government को दोटूक निर्देश दिए हैं कि वह 1 अप्रैल 2026 से इस बढ़ी हुई दर पर नियमित मानदेय का भुगतान तो शुरू करे ही साथ ही पिछले 9 वर्षों के समस्त बकाया एरियर का भुगतान भी 6 महीने mahine के भीतर हर हाल में पूरा करे। बजट budget आवंटन के इस नए आदेश में वित्तीय पारदर्शिता रखते हुए विभिन्न लेखाशीर्षकों जैसे सामान्य शिक्षा-प्राथमिक शिक्षा और अन्य केंद्र
Prayojit Yojnaon Ke Madon प्रायोजित योजनाओं yojnaon के मदों से क्रमशः 44,800 लाख रुपये और 1,52,400 लाख रुपये की राशि का समायोजन किया जा रहा है ताकि एरियर वितरण में किसी भी स्तर पर धन की कोई कमी न आड़े। महानिदेशक कार्यालय द्वारा बजट आवंटन की इस प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूरा करने की सबसे बड़ी वजह 27 अक्टूबर October 2026 को होने वाली अगली अदालती सुनवाई की तलवार है। सुप्रीम कोर्ट SC ने अपने आदेश
Mein Spasht Chetawani Di में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा और तय वित्तीय नियमों के तहत अनुदेशकों के खातों Account में एरियर की धनराशि हस्तांतरित नहीं की गई तो उत्तरदायी उच्चाधिकारियों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना पड़ेगा। अदालती कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट SC की अवमानना से बचने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag का पूरा अमला अब चौबीसों घंटे सक्रिय मोड में आ गया है।
Jiladhyaksha Rama Kant Verma जिलाध्यक्ष रमा कान्त वर्मा ने बताया कि महानिदेशक मोनिका रानी Monica ranii द्वारा जारी इस नए आदेश के बाद अब जिला स्तर पर वित्त एवं लेखाधिकारियों को प्रत्येक अनुदेशक का पूरा सेवा विवरण और लेखा-जोखा दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द सीधे डीबीटी DBT के माध्यम से पारदर्शी तरीके से यह धनराशि अनुदेशकों anudeshako के खातों account में भेजी जा सके।