ग्राम प्रधान और शिक्षक की लड़ाई में बच्चों का मिड-डे मील फंसा, हेडमास्टर ने 8 महीने तक जेब से खिलाया खाना, पढ़िए सूचना
आगरा: बिचपुरी के उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय vidyalaya बाईपुर में ग्राम प्रधान और विद्यालय vidyalaya स्टाफ के बीच विवाद का असर अब बच्चों के मिड-डे मील पर पड़ रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान अपना रसूख दिखाकर शिक्षकों Teacher’s पर जबरन दवाब बनाते हैं।इसके चलते प्रभारी प्रधानाध्यापक Headmaster भीष्म पाल सिंह पिछले करीब 8 महीने mahine से अपनी जेब से 53 बच्चों के लिए पका-पकाया भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानाध्यापक Headmaster का कहना है कि अब तक करीब 50 हजार रुपये rupye निजी धनराशि से खर्च हो चुकी है, लेकिन अब उन्होंने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे बच्चों को मिलने वाले मिडडे मील की व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रधानाध्यापक ने दी जानकारी
प्रधानाध्यापक Headmaster ने बताया कि मामला मार्च March 2026 का है। ग्राम प्रधान मनीष यादव के समर्थक विद्यालय vidyalaya में पहुंचे और कक्षाओं में जाने की बात कही। प्रधानाध्यापक Headmaster ने बिना शिक्षा Shiksha अधिकारियों की अनुमति के बाहरी लोगों के कक्षा में प्रवेश पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि कोई व्यक्ति विद्यालय vidyalaya का भ्रमण करना या बच्चों को पढ़ाना चाहता है तो नियमानुसार अधिकारियों से अनुमति लेकर आ सकता है। इस बात को लेकर प्रधान और उनके समर्थक नाराज हो गए। प्रधानाध्यापक Headmaster के मुताबिक समर्थक खुद को सेवानिवृत्त शिक्षक बताते हुए विद्यालय vidyalaya स्टाफ पर दबाव बनाने लगे। इसी दौरान महिला शिक्षिका और रसोइयों से अभद्रता किए जाने का आरोप है। शिक्षिका और रसोइयों ने मामले की शिकायत थाना सिकंदरा में की थी
ये है आरोप
प्रधानाध्यापक Headmaster का आरोप है कि प्रधान के समर्थक अपने प्रभाव का हवाला देते हुए खुद को मुलायम सिंह यादव के परिवार का रिश्तेदार बताते हैं। ग्राम प्रधान मनीष यादव खुद विद्यालय vidyalaya स्टाफ से सम्मान करने की बात कहते हैं। यहां तक कहा जाता था कि यदि वे कक्षा में पढ़ाना चाहें तो उन्हें जाने दिया जाए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में प्रधान मनीष यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका है।
हस्ताक्षर नहीं होने से एमडीएम भुगतान अटका
प्रधानाध्यापक Headmaster का कहना है कि विवाद के बाद ग्राम प्रधान और विद्यालय vidyalaya स्टाफ के बीच संवाद नहीं है। उन्होंने इस समस्या की जानकारी एमडीएम MDM समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी BEO और बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag के अधिकारियों को दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर एमडीएम MDM खाते Account के संचालन की व्यवस्था बदलने की मांग की गई है। उनका कहना ह कि अक्टूबर से जेब से भोजन कराना मुश्किल होगा। इससे उनके परिवार family में आर्थिक संकट पैदा हो रहे हैं। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक धीरेंद्र कुमार के मोबाइल नंबर पर दो बार संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।