अनुदेशकों के नियमितीकरण और एरियर मामले में अदालत सख्त, 27 अक्टूबर तक आदेश का पालन करने के निर्देश

अनुदेशकों के नियमितीकरण और एरियर मामले में अदालत सख्त, 27 अक्टूबर तक आदेश का पालन करने के निर्देश

नई दिल्ली। परिषदीय अनुदेशकों के नियमितीकरण और बकाया एरियर से Contempt Case Supreme Court जुड़े अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट SC में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई में सोमवार Monday को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने न आदेश के अनुपालन को लेकर सरकार Government के अधिकारियों से लेकर सरकार Government और अधिकारियों से कड़े सवाल किए और स्पष्ट किया कि यदि अदालत के पूर्व आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। मामला 4 फरवरी febuary 2026 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें  

Uttar Pradesh Part Time Instructors उत्तर प्रदेश के लंबे समय से कार्यरत पार्ट-टाइम संविदा अनुदेशकों के मानदेय को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश  

Court Ordered 17000 Honorarium दिए गए थे। अदालत ने 17000 रुपए प्रतिमाह के मानदेय mandey का निर्देश देते हुए 9 साल के एरियर का भुगतान करने के 9 साल Year के एरियर के भुगतान करने को कहा था। फैसले में लंबे समय से सेवा दे रहे अनुदेशकों anudeshako की नियुक्ति की प्रकृति पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गई थीं। सुनवाई के दौरान अनुदेशकों anudeshako की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व आदेश के बावजूद उन्हें 11 महीने mahine के नए संविदा कार्यकाल से जुड़े आदेश जारी किए जा रहे हैं। अधिवक्ता  

Violation Of Court Order ने इसे अदालत के आदेश order की भावना के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सरकार Government की ओर से पेश एसजी के. एम. नटराज ने अदालत को बताया कि मामले में सरकार Government से आवश्यक जानकारी ली जा रही है और उचित जवाब दाखिल किया जाएगा। इस पर अदालत ने साफ किया कि यदि पूर्व आदेश अंतिम हो चुका है और उसकी समीक्षा याचिका भी खारिज हो चुकी है, तो आदेश order का पालन करना होगा। अदालत ने संबंधित पक्ष से यह भी पूछा कि आखिर आदेश का अनुपालन कब तक किया जाएगा का अनुपालन कब तक किया जाएगा। अदालत द्वारा लिखवाए गए आदेश के अनुसार, यदि अगली सुनवाई की तारीख 27 अक्टूबर October 2026 तक पूर्व आदेश का अनुपालन नहीं होता है, तो अपर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा और महानिदेशक बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।  

Court Warns Compliance Mandatory सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अंतिम न्यायिक आदेश Order का पालन करना आवश्यक है, नहीं तो जेल भेजा जाएगा।

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