UP सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी!

UP सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी!

उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh में सरकारी और सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य तथा हाईस्कूलों highschool में प्रधानाध्यापक बनने की तैयारी कर रहे शिक्षकों Teacher’s के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार Government ने इन पदों की अर्हता से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।नए प्रावधान के तहत अब अभ्यर्थियों के लिए स्नातकोत्तर में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग madhymik shiksha vibhag ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक Headmaster पदों की योग्यता को स्पष्ट किया है।

प्रधानाचार्य बनने के लिए क्या होगी योग्यता?

इंटर कॉलेज inter College में प्रधानाचार्य पद के लिए अभ्यर्थी का पीजी में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड की डिग्री Digree भी जरूरी होगी। अनुभव की बात करें तो अभ्यर्थी के पास कक्षा class 9 से 12 तक प्रवक्ता या सहायक अध्यापक AT के रूप में कम से कम 4, वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा हाईस्कूल highschool में प्रधानाध्यापक Headmaster पद पर चार साल का अनुभव भी निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 30 वर्ष Year होनी चाहिए।

अनुभव के आधार पर नहीं मिलेगी अंकों में छूट

नए नियमों new rule में सबसे महत्वपूर्ण important बदलाव यह है कि अधिक अनुभव होने पर पीजी PG के अंकों में मिलने वाली छूट को समाप्त कर दिया गया है। यानी अभ्यर्थी के पास कितना भी अधिक अनुभव क्यों न हो, पीजी PG में 50 प्रतिशत अंक की शर्त पूरी करनी ही होगी। इसके अलावा डिप्लोमा Diploma के आधार पर मिलने वाली अर्हता का प्रावधान भी खत्म कर दिया गया है।

हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा असर

सरकार Government के इस संशोधन के बाद प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक Headmaster पद के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों Teacher’s को नई योग्यता के अनुसार अपनी पात्रता जांचनी होगी। माना जा रहा है कि नए नियमों से चयन प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी और पदों के लिए शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण traning संबंधी योग्यता को अधिक महत्व मिलेगा।

Leave a Comment