LPG सिलेंडर बुक करने का झंझट खत्म! सरकार लाई जबरदस्त प्लान, अब सीधे किचन तक पहुंचेगी गैस, पढ़िए डिटेल्स
हर महीने एलपीजी सिलेंडर LPG cylinder बुक करना, डिलीवरी delivery का लंबा इंतजार करना और सिलेंडर cylinder खत्म होने से पहले ही अगली बुकिंग की टेंशन tension पालना देश Desh के कई परिवारों family की रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है। खासकर ऐसे घरों में जहां खाना पकाने के लिए पूरी तरह से एलपीजी LPG पर ही निर्भरता है, वहां समय पर गैस मिलना बहुत जरूरी होता है।लेकिन अब सरकार लोगों को इस भागदौड़ भरी व्यवस्था से धीरे-धीरे बाहर निकालकर सीधे पाइप के जरिए घर-घर तक गैस पहुंचाने के एक बड़े प्लान पर काम कर रही है। इसके लिए पेट्रोलियम petroleum एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने मिलकर ‘National PNG Drive 3.0’ की धमाकेदार शुरुआत कर दी है।
जानिए क्या है सरकार का नया प्लान और बड़े लक्ष्य
यह खास अभियान 1 अक्टूबर October 2026 से लेकर 31 मार्च March 2027 तक चलाया जाएगा, जिसका मुख्य फोकस देश Desh भर में 50 लाख lakh नए घरेलू पीएनजी (PNG) कनेक्शन जोड़ना है। इसके साथ ही सरकार government का यह भी लक्ष्य है कि करीब 40 लाख lakh ऐसे पुराने कनेक्शनों को दोबारा एक्टिव Active किया जाए, जो पहले तो ले लिए गए थे लेकिन वर्तमान में इस्तेमाल में नहीं हैं। सरकार इस ड्राइव के तहत 50 लाख नए पीएनजी रजिस्ट्रेशन ragistration भी हासिल करना चाहती है, ताकि आने वाले महीनों में ज्यादा से ज्यादा परिवारों family को सिलेंडर के झंझट से मुक्ति मिल सके और उन्हें सीधे पाइप वाली गैस से जोड़ा जा सके।
सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी का इंतजार अब इतिहास!
पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता को घर में भारी-भरकम गैस सिलेंडर cylinder स्टोर करके रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए आपके किचन के चूल्हे तक पहुंचती है। ऐसे में सिलेंडर cylinder खत्म होने के बाद बुकिंग कराने और डिलीवरी ब्वॉय delivery boy’s का इंतजार करने वाली सारी परेशानियां हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगर ज्यादा से ज्यादा लोग पीएनजी का इस्तेमाल करने लगेंगे, तो एलपीजी सिलेंडर की मांग में भी भारी गिरावट आएगी। इस व्यवस्था में घर पर लगे मीटर के आधार पर ही गैस की खपत का बिल आता है, यानी आप जितनी गैस इस्तेमाल करेंगे, भुगतान भी उसी के हिसाब से करना होगा। हालांकि, पीएनजी की उपलब्धता हर इलाके में नहीं है और इसका कनेक्शन canection लेने की लागत व दरें संबंधित गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पर निर्भर करती हैं।