26 साल की सेवा, भविष्य अधर में, शिक्षामित्रों में बढ़ी नाराजगी
Bahraich Shikshamitra Future Uncertain बहराइच। बेसिक शिक्षा परिषद basic shiksha parishad के प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में करीब 26 वर्षों से बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षामित्रों shikshamitro के सामने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। Special TET Opportunity Denied विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा Exam में अवसर न दिए जाने से शिक्षामित्रों shikshamitro में नाराजगी बढ़ रही है।
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Shikshamitra Sangh Questions Policy उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ shikshamitra sangh के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्रा ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से विद्यालयों में शिक्षक जैसी जिम्मेदारियां निभाने वाले शिक्षामित्रों shikshamitro को परीक्षा के अवसर से वंचित रखना भेदभावपूर्ण है। Different Standards For Eligibility उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षामित्रों shikshamitro और अनुदेशकों anudeshako से शिक्षक की जिम्मेदारियां कराई जाती हैं, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा Exam की बात आते ही उनके लिए अलग मापदंड लागू कर दिए जाते हैं।
Not Just Exam Future यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि वर्षों की सेवा, सम्मान और भविष्य का सवाल है। Only 18 Thousand Honorarium शिवश्याम मिश्रा ने बताया कि योग्यता परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बावजूद कई शिक्षामित्रों shikshamitro को मात्र 18 हजार रुपये मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है, जिससे महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है। Union Demands Permanent Solution संघ ने सरकार से विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शिक्षामित्रों shikshamitro को अवसर देने और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।