शिक्षक पढ़ाएं या जन्म प्रमाणपत्र बनवाएं ? पहले दुल्हन का मेकअप, फिर भूसा. अब बलरामपुर में नया फरमान, पढ़िए क्या है पूरा मामला
लखनऊ| शिक्षक teacher पढ़ाएं या सरकारी योजनाओं Yojnaon और प्रशासनिक कामों की जिम्मेदारी निभाएं ? उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh में सरकारी शिक्षकों teacher को गैरशैक्षणिक कामों में लगाए जाने को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।बरेली में भीषण गर्मी Garmi के दौरान गोवंश के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी शिक्षकों teacher को दिए जाने का मामला अभी सुर्खियों से बाहर ही निकला था कि अब बलरामपुर में स्कूलों School में पढ़ने वाले बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में शिक्षकों teacher और प्रधानाध्यापकों headmaster को लगाने का आदेश सामने आया है।
जिलाधिकारी DM सह जिला रजिस्ट्रार के स्तर से जारी आदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों vidalaya के प्रधानाध्यापकप्रभारी प्रधानाध्यापकों headmaster को ऐसे छात्रछात्राओं की सूची तैयार करने को कहा गया है, जिनके जन्म प्रमाणपत्र अभी नहीं बने हैं। इसके साथ संबंधित बच्चों के जन्म से जुड़े जरूरी दस्तावेज document जुटाकर आवेदन संबंधित ग्राम विकास अधिकारी पंचायत अधिकारी अथवा जन्ममृत्यु रजिस्ट्रार तक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी विद्यालयों vidalaya के माध्यम से कराई जानी है। बलरामपुर में जारी आदेश के मुताबिक 19 से 22 सितंबर September के बीच शिक्षकों teacher को बच्चों के सभी आवश्यक कागजात एकत्र कर अधिकारियों को सौंपने का आदेश दिया गया है।सीडीओ CDO का सीधे बीईओ BEO को आदेश, शपथ पत्र से लेकर ग्राम प्रधान के प्रमाणपत्र तक की प्रक्रिया गुरुजी के जिम्मे
मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि जिलाधिकारी DM बलरामपुर की ओर से 19 सितंबर September को आदेश जारी किया गया है, जबकि इससे पहले सीडीओ बलरामपुर ने 14 सितंबर September को ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था। सीडीओ CDO की ओर से जारी आदेश खंड शिक्षा अधिकारियों को संबोधित है। इसमें ऐसे छात्रछात्राओं के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है, जिनके पास आधार कार्ड aadhar card उपलब्ध नहीं है और जन्म प्रमाणपत्र अभी जारी नहीं हुआ है।
आदेश order के साथ निर्धारित प्रारूप भी दिए गए हैं। इनमें विद्यालय vidalaya स्तरीय प्रमाणपत्र, उपजिलाधिकारी को संबोधित शपथ पत्र, गवाही का प्रमाणपत्र और ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणपत्र तैयार कराने से संबंधित प्रक्रिया शामिल है। यानी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सिर्फ बच्चों की सूची तैयार करने तक ही मामला सीमित नहीं है, बल्कि अलगअलग दस्तावेज और प्रमाणपत्र जुटाने की प्रक्रिया भी स्कूल स्तर से आगे बढ़ाई जानी है। सीडीओ CDO कार्यालय के आदेश की प्रति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA को भी भेजी गई है, ताकि उक्त कार्य का अनुश्रवण करते हुए इसे पूरा कराया जा सके।