शिक्षामित्रों ने सरकार से मांगा 27 वर्षा के परिश्रम का फल
Meeting At Junior High जूनियर हाईस्कूल पडरौना के प्रांगण में शिक्षा मित्रों shikshamitro की बैठक को संबोधित करते उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश जायसवाल। Shikshamitras Demanded 27 Years शिक्षामित्रों ने सरकार से मांगा 27 वर्षों के परिश्रम का फल Padrauna Private Correspondent Report पडरौना, निज संवाददाता। भारत सरकार Government के सर्व शिक्षा अभियान से पिछले 27 वर्षों से जुड़े प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों ने सरकार से वर्ष 2000 से कर रहे अपने परिश्रम का फल मांगा है। शिक्षा मित्रों shikshamitro की बैठक की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के कुशीनगर जिलाध्यक्ष कैलाश जायसवाल ने कहा कि जब मांगने से नहीं मिलता हक तो उसे लड़कर लेना ही पड़ता है। इस भीषण महंगाई के दौर में महज 18 हजार मासिक मानदेय देकर सरकार Government कोई एहसान नहीं कर रही है।
Meeting Under Sangh Leadership उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ shikshamitra sangh के तत्वावधान में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैलाश जायसवाल ने सरकार Government से अपना मौलिक अधिकार मांगा। उन्होंने कहा कि संविधान में यह नियम वर्णित है कि किसी भी श्रमिक, कर्मचारी या कामगार को उसके परिश्रम के हिसाब से उचित पारिश्रमिक दी जानी चाहिए। राजकुमार पांडेय ने कहा कि वर्ष 2014 में शिक्षा मित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर हुआ था तो खुशी का ठिकाना नहीं था। प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले शिक्षा मित्र shikshamitra दुगुनी ऊर्जा से बच्चों को पढ़ाने लगे थे, लेकिन समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षा मित्र shikshamitra पूरी तरह से टूट गए।
11 Thousand Shikshamitras Died Angu मधुप ने कहा कि वर्ष 2017 में जब समायोजन निरस्त हुआ तब से अब तक अवसाद और गुस्से में 11 हजार शिक्षा मित्र काल के गाल में समा गए। इस दौरान सत्येंद्र तिवारी, संजय यादव, संतोष चौहान, दिनेश शर्मा, गोविन्द यादव, शालू सिंह, सीमा आर्य, अमित मिश्र, वर्षा सागर, सुनील कुमार यादव, लाल बहादुर यादव, उमेश पाठक, दीना नाथ शर्मा आदि मौजूद रहे।