उत्तर प्रदेश में 28 हजार शिक्षामित्रों को अब….. पढ़िए पूरी खबर
लखनऊ। प्रदेश Pradesh के करीब 28 हजार शिक्षा मित्र shikshamitra अब भी अपने मूल विद्यालय vidyalaya लौटने का इंतजार कर रहे हैं। शासनादेश जारी होने के बावजूद अभी तक केवल बाराबंकी, लखनऊ, अंबेडकरनगर, चित्रकूट और बरेली में ही करीब दो हजार शिक्षा मित्रों shikshamitro को इसका लाभ मिल सका है।बाकी जिलों District में प्रक्रिया आगे न बढ़ने से शिक्षामित्रों shikshamitro में नाराजगी है। सबसे अधिक परेशानी महिला शिक्षामित्रों shikshamitro को उठानी पड़ रही है।
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शिक्षामित्रों shikshamitro को पहले शिक्षक Teacher पद पर समायोजित किया गया था, लेकिन वर्ष 2017 में समायोजन samayojan रद होने के बाद उन्हें फिर शिक्षामित्र बना दिया गया। जून 2018 में शिक्षामित्रों shikshamitro की मूल विद्यालय वापसी की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षामित्र shikshamitra इससे छूट गए।इसके बाद करीब सात वर्ष तक मूल विद्यालय वापसी की मांग को लेकर संघर्ष चलता रहा। पिछले वर्ष जनवरी January में शासन ने शासनादेश जारी कर छूटे हुए शिक्षामित्रों shikshamitro को उनके मूल विद्यालय vidyalaya भेजने के निर्देश दिए।
इसके अनुसार शिक्षामित्रों shikshamitro को उन्हीं ग्राम पंचायतों में स्थित मूल विद्यालयों vidyalaya में वापस भेजा जाना है, जहां उन्हें उनके निवास स्थान के आधार पर शिक्षामित्र पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद अधिकांश जिलों District में अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है।