शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग, सचिव को भेजा गया लैटर

शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग, सचिव को भेजा गया लैटर

Shikshamitra Pad Ko Niyamit शिक्षामित्र पद को नियमित करने की मांग, बेसिक शिक्षा सचिव को भेजा पत्र Smart Vision Samachar Report स्मार्ट विजन समाचार Charan Singh Lakhimpur Kheri चरन सिंह, लखीमपुर खीरी। शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित एवं संरक्षित करने तथा शिक्षामित्र पद को ही नियमित किए जाने की मांग को लेकर अतुल जोशी ने उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज को लेकर लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। इसके लिए शिक्षामित्र परिवार की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। अतुल जोशी ने कहा कि शिक्षामित्रों ने अल्प मानदेय में बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag में शैक्षणिक शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में उनकी योग्यता और वर्षों के अनुभव को देखते हुए शिक्षामित्र

ये भी पढ़े 👉 शिक्षामित्रों को लेकर शासन स्तर पर 16 अक्टूबर को बड़ी मीटिंग, इतने शिक्षामित्रों को बुलाया गया, देखें सचिव का आदेश,यह अधिकारी मीटिंग में रहेंगे मौजूद

Shikshamitron Ki Yogyata Anubhav शिक्षामित्रों की योग्यता, अनुभव और विभाग में दिए गए योगदान को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस विषय पर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में विचार करना चाहिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा सचिव से शिक्षामित्रों shikshamitro की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षामित्र पद को ही नियमित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया। पत्र में उम्मीद जताई गई है कि सरकार Government इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश Pradesh के शिक्षामित्रों shikshamitro के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल करेगी।

Pad Par Hi Niyamit पद पर ही नियमित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक ओर सामान्य शिक्षक teacher को शुरुआती स्तर पर करीब 50 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने की व्यवस्था है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों shikshamitro के मानदेय में लंबे समय तक काफी बड़ा अंतर बना रहा है। सरकार की ओर से मानदेय को 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये rupye किए जाने तथा आगे बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद शिक्षामित्रों shikshamitro का कहना है कि यह उनके वर्षों के अनुभव, जिम्मेदारियों और सेवाकाल के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। अतुल जोशी ने सवाल उठाया कि जब

Shikshak Aur Shikshamitra Vidyalayon शिक्षक और शिक्षामित्र विद्यालयों में एक जैसी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने, शिक्षण कार्य करने और बेसिक शिक्षा basic shiksha व्यवस्था को संचालित करने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो उनके मेहनताने में इतना बड़ा अंतर क्यों है? उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों shikshamitro के लिए मानदेय mandey में बढ़ोतरी मात्र राहत का कदम नहीं, बल्कि उनके स्थायी भविष्य और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि मानदेय mandey बढ़ोतरी शिक्षामित्रों shikshamitro के लिए राहत अवश्य है, लेकिन उनकी प्रमुख मांग शिक्षामित्र पद को ही नियमित कर उनके भविष्य को सुरक्षित और संरक्षित करने की है। उनके अनुसार वर्षों से सेवा दे रहे।

 

Leave a Comment